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न्यू ऑरलियन्स, यूएसए
हेलो?
हेलो?
दिल्ली, भारत
तुम सोई हुई हो?
सुबह के 7:00 बजे हैं, मां।
ठीक है, मैं बाद में फ़ोन करती हूं।
नहीं, कोई बात नहीं, क्या चल रहा है?
अभी शोभा आंटी का फ़ोन था।
अभिषेक की सगाई हो गई है।
सुनाई दिया मैंने क्या कहा?
हां।
तुम्हारे छोटे भाई की भी सगाई हो गई। तुम ही बची हो।
कितनी शर्म की बात है।
मुझे अमेरिका नहीं छोड़ना चाहिए था।
मुझे तुम्हारे लिए पति ढूंढ़ कर ही भारत आना चाहिए था।
अच्छा।
क्या "अच्छा"?
छोड़िए भी मां, मैं ठीक हूं।
-मैं श्रापित नहीं हूं। कितनी बार बताऊं। -तुम वो कैसे कह सकती हो?
-तुम जल्द ही 29 के हो जाओगी। -मेरा बीस का आख़री साल।
तुम्हें पता है जन्मपत्री क्या कहती है।
अगर 29 तक तुम्हारी शादी नहीं हुई, तो कभी नहीं होगी।
कभी नहीं होगी? कितनी दुखद बात है।
पल्लवी को बताओ, तुम क्या सोचते हो।
भविष्यवाणी अशिक्षितों की बकवास है।
लव यू।
तुम दोनों सता कर मेरी जान ले लोगे।
अच्छी शादी यूं ही नहीं हो जाती।
तुम्हें इसे गंभीरता से लेनी होगी, समझी पल्लू?
अगर ध्यान नहीं दिया...
तो बुरी चीज़ें हो सकती हैं।
मां, आप हमेशा बुरा ही क्यों सोचती हैं?
मां? हेलो?
तुम्हारी मां हूं, ना? ये मेरा काम है।
-तुमने अपना ब्रेसलेट पहना है न? -हां, पहनी हुई हूं।
अच्छा है। ये तुम्हें बुरी नज़रों से बचाएगा, मेरी बच्ची।
अच्छा। मुझे ये पसंद है। अब मैं सो जाऊं?
हां, माफ़ करना। आराम करो।
-ठीक है। जल्द ही आपसे बात होगी। -बाइ।
बुरी नज़र
ऑडिबल ओरिजिनल “ईविल आई” पर आधारित माधुरी शेखर द्वारा लिखित
-यक़ीन नहीं होता तुम मां बनने वाली हो। -अभी से लग रहा।
मुझे इस शैतान से प्यार हो गया है। मैं इसके लिए कुछ भी कर जाऊंगी।
-मैं कुछ मदद करूं, मलिक? -नहीं, मैं संभाल लूंगा।
बढ़िया, क्योंकि मुझे चाय बनानी नहीं आती।
अम्मा
लगता है मैं कितनी बुरी भारतीय नारी हूँ कहते हुए इन्होंने मेरी बात सुन ली।
मैं तुम्हें चाय बनाना सिखाऊं?
-हाय, मां। -हेलो, मेरी बच्ची? ये संगीत कैसा है?
आप नहीं जानतीं।
मुझे पसंद आया।
देखिए किसके साथ हूं।
हेलो, कैली। तुम सुंदर लग रही हो।
ओ, शुक्रिया, मिसेज़ खत्री।
-मलिक कहां है? -वो रसोई में चाय बना रहा है।
हाय, मिसेज़ खत्री।
प्यारा बच्चा। पल्लवी तक को चाय बनानी नहीं आती।
क्या हाल है, मां?
तो, पल्लू, मैं चाहती थी कि…
नहीं। किसी भी लड़के को नहीं देखना।
उसके लिए फ़ोन नहीं किया है।
सच में।
ख़ैर, क्योंकि तुम फ़ोन पर हो ही...
देखो, मेरी बच्ची। ये हैंड्सम दिखता है, है न?
अरे हां, काफ़ी पेशेवर लगता है।
देखा, कैली को पसंद है। ह्युस्टन में रहता है,
इस हफ़्ते न्यू ऑरलियन्स जाएगा,
और मिल सकता है।
रुकिए, आपने पहले ही तैयारी कर ली है?
-जल्दी करना होगा। -वह यहां रहता भी नहीं।
न्यू ऑरलियन्स में कोई भारतीय नहीं रहता। तो मैं क्या करती?
मां। हमने इस पर बात की थी।
मैं अब मिलना-जुलना नहीं कर सकती।
उससे शादी करने को नहीं कह रही। कॉफ़ी पर जाने को कह रही हूं।
-क्या कहते हैं? -तुम्हारी बेटी को मना रही हूं।
वह क्या कह रही हैं?
पल्लवी के लिए लड़का ढूंढ़ रही हैं जो चाय बना सके।
मां, ये कभी काम नहीं करती।
हो सकता है इस बार कर जाए और तुम बिना कोशिश के ही "न" बोल देती हो।
चाय कैसी है? ज़्यादा गर्म तो नहीं है?
ठीक है।
ये सब आपके लिए करती हूं।
तो, इस बार मां ने क्या सब कहा?
वही पुरानी बात, इंजीनियर है, वीकेंड पर हाईकिंग पर जाता है,
संगीत पसंद है।
संगीत पसंद है?
ठीक है।
क्या वो अंदर है?
कितना बुरा दिखता है?
हे भगवान।
-शानदार। -काफ़ी हॉट है?
क्या?
ये वो नहीं है।
इसे ही होना चाहिए। शायद यही हो।
हे, बस आगे बढ़ो।
हसीन ग़लती।
सभी भारतीय एक जैसे दिखते हैं, है न?
हे, चलो भी।
वो अभी भी मुझे देख रहा है ह्यूस्टन वाला ट्रैफ़िक में फंसा है
उस क्यूटी से मिल लो! उससे कहो तुम्हें ये चाहिए...
हे।
हे।
हम पहले मिल चुके हैं?
तुम ये सभी से कहते हो?
माफ़ करना।
-तुम किसी से तय मुलाक़त की राह देख रही हो? -क्या?
तुम काफ़ी देर से बाहर देख रही हो, किसी के इंतज़ार में।
पर अगर आम डेट होती, तो तुम अभी तक चली गईं होतीं।
तो, लगा तुम्हें शायद अपने माता-पिता को बताना हो,
इसीलिए तुम यहीं बैठी हुई हो, है न?
हे भगवान, ये तय की गई मुलाक़ातें बहुत बुरी होती हैं, है न?
-हां। -हां।
ख़ैर, मेरा मतलब...
-नहीं। हां। -माफ़ करना।
हां, ख़्याल रखना।
ख़ैर, मेरा मतलब...
अब तक नहीं आया है।
नहीं, वह नहीं आया।
-मैं संदीप। -पल्लवी।
प्यारा नाम है।
शुक्रिया।
माफ़ करना। क्या यहां कोई भारतीय लड़की इंतज़ार में थी?
हां, वह थोड़ी देर पहली ही चली गई।
वह एक घंटे से ज़्यादा लेट था, मां। बिल्कुल, मैं चली आई।
यूं ही? तुम अभी कहां हो?
-सोनिया के साथ। -उससे से कभी भी मिल सकती हो।
तुम ये कैसे कर सकती हो, पल्लू? वह एक अच्छे घर का अच्छा लड़का था।
मैं मिलना भी नहीं चाह रही थी।
-इससे फ़र्क नहीं पड़ता। -कैसे फ़र्क नहीं पड़ता?
हम तुम्हारी ख़ुशी और भविष्य के लिए
कर रहे हैं। जब तुम्हारा कमांडर ज़मीन पर लेटने को कहे, तुम लेटते हो।
मां, ये सेना नहीं है। आप मेरी कमांडर नहीं हैं।
मुझे आंख बंद करके हुक्म नहीं मानना।
मैं तुम्हें भरोसा करने कह रही हूं।
क्यों न आप…
मैं ख़ुद किसी से क्यों नहीं मिल सकती?
मां?
हेलो?
हेलो?
-हेलो? -हां।
बिल्कुल तुम ख़ुद किसी से मिल सकती हो।
मैं नहीं चाहती कि तुम...
ग़लत इंसान से प्यार करो।
मैं आप पर यक़ीन करूं पर आपको मुझपर यक़ीन नहीं,
-है न? -पल्लवी...
बाद में करती हूं, ठीक?
-तुम ठीक हो? -हां।
मेरी मां, कुछ ज़्यादा ही परवाह करती हैं।
माफ़ करना।
कुछ साल पहले एडीसन में एक शादी में हम दोनों की तस्वीर है।
माता-पिता के दिल्ली जाने से पहले।
मेरे डैड को युनिवर्सिटी में पढ़ाने का काफ़ी अच्छा मौक़ा मिला,
और इसके चलते उनको देश लौटना ठीक लगा।
इतनी दूर रहना, काफ़ी मुश्किल रहा होगा।
मैं भी माता-पिता से नहीं मिल पाता।
सुनो, ये मुलाक़ात काफ़ी अच्छी रही, पर मुझे…
किसी और से मिलने जाना है?
हां, क्या पता, वह अब तक कॉफ़ी पर इंतज़ार कर रहा हो।
तुमसे दोबारा मिल सकता हूं?
शायद।
तुम जाओ।
करीब एक महीने से, तुम्हें ये सिर में दर्द उठ रहे हैं।
-तो प्लीज़, रुककर तुम्हारी मदद करने दो। -नहीं, मैं अकेली रहूंगी, तो ठीक हो जाएगा।
-पक्का? -हां पक्का। जाओ, मैं ठीक रहूंगी।
मेरी चिंता बढ़ती जा रही है।
मैं लोगों से क्या कहूंगा?
मैं मिठाई लेता आऊंगा।
यक़ीन करोगे? एक महीने पहले वो दोनों स्काइप पर मिले,
और वहीं के वहीं शादी तय हो गई।
मैं समझा नहीं। आजकल के नौजवान नए ख़्यालात के हैं।
-अरे, नहीं, नहीं, नहीं। -जान, आज मेरा सब कुछ खाने का दिन है।
उषा कहां है? मैं कब से उसकी राह देख रही हूं।
आने से पहले उसकी तबियत खराब हो गई,
और वैसे भी वो फिर कभी आ जाएगी।
अब तक वो बुरी नज़र की बात करती है?
-हां। -पल्लवी श्रापित नहीं है।
वो पागल है। उसे डॉक्टर को दिखाने ले जाइए न?
उसे मेरे डॉक्टर के पास ले जाइए। वो सारी दवाएं देता है।
वह ठीक हो जाएगी।
मैंने कहा कुछ नहीं, तुमने प्लेट भर ली।
-कल मरूंगा। -माफ़ कीजिए।
-आज खाने दो। -उल्टा दिन है क्या?
आज खाने दो। कल मरूंगा।
-आज? आज? -कल मरूंगा।
चलो भी।
हेलो?
हाय, मां, आप ठीक हैं?
-हां, बिल्कुल। -क्या मैंने आपको जगा दिया?
नहीं, मैं बस लेटी हुई थी।
मां, आज तो अभिषेक की सगाई थी न?
इतनी नाराज़ थीं कि सगाई में भी नहीं गईं?
ख़ैर...
-मैं किसी से मिली हूं। -तुम किसी से मिली?
क्या मतलब? तुम्हारा कोई बॉयफ़्रेंड है?
ख़ैर, हम तीन या चार हफ़्ते से मिल रहे हैं।
तुम्हें वो पसंद है?
अगर मुझे पसंद नहीं होता, तो आपसे नहीं बताती।
उसका नाम क्या है?
ठीक है, ज़्यादा ख़ुश मत होईए?
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