Exodus: Gods and Kings

Exodus: Gods and Kings

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Exodus: Gods and Kings
A Commentary by Machtnix12
NO Mistake ;)

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Published on: 2015-05-12
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The first 200 lines.

1300 ईसा पूर्व

400 सालों तक हिब्रू मिस्र के दास बनकर रहे।

उसकी मूर्तियों, शहरों और महिमा को बनाते।

उस पूरे समय में वे अपनी मातृभूमि को नहीं भूले।

या फिर अपने ईश्वर को।

ईश्वर भी उन्हें नहीं भूला है।

फ़ैरो का महल मेम्फ़ीस

यह सच है, हिटाइट की सेना की 16,000 टुकड़ियाँ कादेश के बाहर तैनात हैं।

जो बात साफ़ नहीं कि ऐसा क्यों है।

हिटाइट्स सीमा पार करने की कोशिश कर रहे हैं।

ज़ाहिर है।

उन्हें और क्या करना चाहिए?

हमारी जानकारी के अनुसार, हमारे आक्रमण की प्रत्याशा में हैं।

वे सोचते हैं कि हम...

हमले की तैयारी कर रहे हैं, जो सच नहीं है।

जो मैं नहीं करना चाहता, और नहीं करूँगा, वह है यहाँ बैठकर...

उस समय का इंतज़ार करना जब हम महल की दीवारों के बाहर...

हिटाइट सेना से लड़ रहे होंगे।

आओ।

अंतड़ियाँ क्या कहती हैं?

वे कुछ "कहती" नहीं।

उनका तात्पर्य होता है।

और वह निर्वचन पर निर्भर करता है।

तो, व्याख्या करो।

पहले हमला करने पर हम जीतेंगे या नहीं?

हाँ या न है।

और यह तय नहीं है।

पर कुछ और बात पक्की है।

लड़ाई में, एक शासक की जान बचेगी...

और उसका परित्राता एक दिन अगुवाई करेगा।

फिर तो अंतड़ियों को यह भी कहना चाहिए...

कि हम विवेक का त्याग करके...

शकुनों से मार्गदर्शन लें।

महान सेख्मेत...

फ़ैरों आपके सम्मान में पी रहा है...

और कादेश में हिटाइट की सेना के ऊपर विजय पाने की प्रार्थना करता है।

राजगद्दी पर बैठते ही पहला काम यह करना कि उसे सेवानिवृत्त कर देना।

मैं करूँगा।

पता नहीं मेरे पिता ने ऐसा क्यों नहीं किया।

पर यदि...

युद्धभूमि में मेरे सिर पर खतरा मंडराता देखो, तो मुझे छोड़कर चले जाना।

मैं संजीदा हूँ।

जब मैं तुम्हें देखता हूँ, तो अब भी वे दो बालक दिखते हैं...

जो साथ बड़े हुए, भाइयों जितने घनिष्ठ।

अगर किसी भी वजह से...

तुम यह बात भूल जाओ...

तो ये तुम्हें उसकी याद दिलाएँगी।

इतनी लंबी कि घोड़े पर सवार होने पर भी वार कारगर हो...

पर इतनी लंबी नहीं कि उलझकर गिर जाओ।

यह उसकी है। तुम्हारे पास मेरी वाली है।

बिलकुल सही। मुझे यही चाहिए।

तुम्हारे पास एक-दूसरे की हैं...

ताकि एक-दूसरे की रक्षा कर सको।

मुझसे वादा करो कि तुम...

हमेशा ऐसा ही करोगे।

सेती! सेती! सेती!

सेती!

वहाँ पर!

अमुन खंड को उत्तर में तैनात करो, रा खंड को मध्य में...

और पिताह को दक्षिण में। और सेथ को रिज़र्व में रखेंगे।

-रिज़र्व में? -हाँ।

हमें अपनी ताकत को मध्य में केंद्रित रखना चाहिए।

तुम अपनी ताकत लड़ने पर केंद्रित रखो।

रणकौशल का ज़िम्मा मुझ पर छोड़ दो।

तीर चलाओ!

तीर चलाओ!

आक्रमण!

रामेसेस को लेकर जाओ! जाओ!

जाओ!

वापस चलो! वापस चलो!

मूसा! मूसा! मूसा!

मूसा।

युद्ध में क्या हुआ?

कुछ नहीं।

मैंने सेनापतियों से भी यही पूछा था। उन्होंने भी झूठ बोला।

और यह सुन-सुनकर थक गया हूँ।

उसे लगता है कि वहाँ कुछ घटा।

-पर नहीं घटा। -मतलब?

मुख्य पुजारिन, उनकी भविष्यवाणी।

कहा था कि वह बता नहीं सकती कि कौन जीतेगा।

दूसरी वाली। "एक शासक की जान बचेगी..."

और बाकी की।

तुमने मेरे पुत्र की जान बचाई?

हाँ।

बैठो।

"धन्यवाद" कहना काफ़ी तो नहीं होगा...

पर धन्यवाद।

जानता हूँ कि तुम शकुनों और भविष्यवाणियों में विश्वास नहीं करते...

पर मैं करता हूँ।

और मैं इसका आदर करता हूँ।

पर जो रणभूमि में घटा वह ज़रूरी नहीं है।

भविष्यवाणी का कोई मायना तक नहीं।

क्योंकि तुम मेरा खून नहीं हो।

हाँ।

यह सच है कि तुम मेरे उत्तरदायी नहीं बन सकते।

प्रचलित तरीके से तो नहीं।

किसी भी तरीके से नहीं।

यहाँ बैठे-बैठे, किसी भी कल्पित तरीके से नहीं।

अपने खुद के बेटे के बारे में यह बोलना बड़े दुख की बात है पर नेतृत्व के...

मामले में उससे ज़्यादा तुम पर विश्वास करता हूँ।

"हिटाइटों की रथवाहिनी ने...

"हमारी रक्षा-पंक्ति को भेदते हुए अपना हमला शुरू किया।

"मैंने खुद को शत्रु से घिरा हुआ...

"कोई सैनिक नहीं, कोई ढाल-वाहक नहीं...

"अपने जीवन के लिए जोखिम भरी लड़ाई लड़ता हुआ पाया।

"सिर्फ़ देवताओं की मदद से...

"मैं अपने हमलावरों को हराकर...

"रा खंड में वापस मिल सका।"

वहीं रुक जाओ।

कुछ ऐसा जिसे फिर से अलग ढंग से व्यक्त करना चाहोगे?

नहीं।

-क्या पढ़ना जारी रखूँ? -नहीं, बाकी का भी ठीक ही होगा।

कार्य-सूची पर अगला क्या है?

पाइथम।

उसके बारे में क्या है?

वहाँ की स्थिति। दासों के कारण हो रही मुसीबत।

ठीक है। रामेसेस।

क्या?

वहाँ जाओ, सूबेदार से मिलो, देखो क्या चल रहा है, रपट तैयार करो।

मैं?

एक न एक दिन तुम उस पर शासन करोगे। उसमें दिलचस्पी लो।

और क्या है?

सूबेदार से मैं जाकर मिलता हूँ।

नहीं।

मैं जाऊँगा।

यह तुम्हारे लिए अनुपयुक्त है।

यह किसी भी सेनाध्यक्ष के योग्य नहीं।

मैं करता हूँ।

रामेसेस...

जो रणभूमि में हुआ क्या...

हम उसे भूल सकते हैं?

अगर स्थिति विपरीत होती...

तो मैं भी तुम्हारी जान बचाता।

जानता हूँ। जानता हूँ।

काफ़ी उम्दा निशाना था।

चाहे तुम्हारे निशाने के पीछे ईश्वर का हाथ ही क्यों न हो।

रक्त में थोड़ा ज़हर अच्छा होता है।

अगले ज़हरीले डंक के लिए आपको कम कमज़ोर बनाता है।

शायद मेरे पिता के भी।

पाइथम

पाइथम में स्वागत है।

दुर्गंध के आदी हो जाएँगे।

लगता है सूबेदार संसाधनों का बड़ा हिस्सा अपने ऐशोआराम में लगा रहा है।

यह काम हर कोई नहीं करना चाहता, स्वामी।

उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें कुछ आराम तो मुहय्या कराने ही पड़ेंगे।

पता है परेशानी क्या है? आजकल लोगों की जीवन-अवधि कुछ ज़्यादा ही बढ़ गई है।

हर साल, जन्म दर से मृत्यु दर और कम होती जाती है।

और ये लोग...

ऐसे संतान पैदा करते हैं मानो कोई खेल हो।

तो यह परेशानी है? बढ़ता श्रमिकबल?

नहीं, बिलकुल नहीं। यह उत्पादन के लिए काफ़ी अच्छा है।

बेशक है, पर सिर्फ़ एक सीमा तक।

जब वही आबादी आपके प्राणों की प्यासी होती है...

तो हाँ, वह चिंता की बात है।

तो, या तो मुझे व्यवस्था बनाए रखने के लिए और सैनिक दिए जाएँ...

या मैं इनकी संख्या कम करनी शुरू कर दूँ।

लोगों को सिर्फ़ इस अनिश्चित अनुमान के कारण...

मरवाने लगोगे तो...

उसी विद्रोह को हवा दोगे जिसे दूर रखने की आशा कर रहे हो।

ठीक है, फिर मुझे और सैनिक दें।

बस्ती में जाकर उनसे बात करते हैं।

ऐसा क्यों करेंगे?

तुम्हें राजद्रोह का डर है। चलकर पता करते हैं कि यह डर जायज़ है या नहीं।

उनसे बात करके?

उनके हावभाव देखकर...

जब मैं उनसे बात कर रहा हूँगा।

किसी के व्यक्तित्व के बारे में...

उसकी आँखों में झाँककर पता लगा सकते हैं।

मैं आपको हिब्रुओं के बारे में...

कुछ बताता हूँ।

वे धूर्त और युयुत्सू लोग होते हैं।

आपको पता है कि उन्हीं की भाषा में...

"यहूदी" का क्या मतलब होता है?

"वह जो ईश्वर से लड़ता है।"

"वह जो ईश्वर से जूझता है।"

ये दोनों समान नहीं हैं।

आप जितना शिक्षित भले ही न हूँ, जो शायद आप मुझे याद दिलाना चाहते हैं।

पर मुझे इनसे रोज़ निपटना पड़ता है।

मैं जानता हूँ कि क्या कह रहा हूँ।

तुम्हें आने की ज़रूरत नहीं। मैं वहाँ खुद ही चला जाऊँगा।

रुको!

उसे दंडित क्यों किया जा रहा है?

हमेशा उपद्रव मचाता रहता है, स्वामी।

यह मुस्कुरा क्यों रहा है?

कहता है कि इसे दर्द महसूस नहीं होता, स्वामी।

फिर इसे चाबुक मारने का क्या फ़ायदा?

तुम लोगों को यहाँ बेवजह इकट्ठा होने के लिए नहीं बुलाया गया।

मैंने बुज़ुर्गों से मिलने की...

माँग की थी।

बताओ। तुम लोग दुआ में क्या माँगते हो?

हम कनान लौटने की दुआ करते हैं।

कनान लौटने की?

तुमने तो वह जगह देखी भी नहीं।

मैंने कनान देखा है।

वहाँ मिस्र की सेना से ज़्यादा भयंकर कबीलों को रहते देखा है।

तो, तुम वहाँ लौटकर नहीं जाओगे...

अगर गए तो वापस नहीं आ पाओगे।

-ईश्वर तो कुछ और ही कहता है। -कौन सा ईश्वर?

तुम्हारा ईश्वर? अब्राहम का ईश्वर?

वह भगवान जो कहता है कि तुम खास हो?

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