Pierwsze 200 wierszy.
मैं हूँ जंगल की आँखें।
मैं अतीत और भविष्य देख सकती हूँ।
मैंने यानी कि का ने
मानव का आगमन देखा है।
और जंगल के जीवित रहने की जद्दोजहद को देखा है।
अपनी धरती पर अव्यवस्था और अंधकार को आते हुए देखा है।
मैंने शेर ख़ान नामक बाघ
को मानव को मारते
और जंगल के प्राचीन क़ानून को तोड़ते देखा।
और तब, एक निर्णायक रात को,
मैंने जंगल को अपनी आशाएँ रखते देखा,
एक ऐसे छोटे से जीव के
हाथों में,
एक ऐसा जीव जिसकी तरह का कुछ
जंगल ने पहले कभी न देखा था।
वह यहाँ कैसे आया?
मुझे नहीं मालूम।
क्या वह घायल है?
कोई घाव तो नहीं है।
यह अकेला है।
मैंने पहले कभी मानव का बच्चा नहीं देखा है।
यह तो कितना...
छोटा है।
यह हमसे डरता नहीं है।
हम इसका क्या करेंगे?
गुड इवनिंग, निशा, विहान।
सुंदर रात है, है ना?
तुम क्या चाहते हो, तबाकी?
यह महक कैसी है? ताज़ा शिकार?
अगर तुम्हें हड्डियाँ चाहिए, कहीं और जाओ।
हमारे पास पहले ही लोग ज़्यादा हैं। मैं नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा, निशा।
मालिक बुला रहा है।
बेहतर होगा तुम जाओ।
आवाज़ से लगता है आज रात गुस्से में है।
सो तो है।
और उसका कारण भी है।
मैंने मानव का बच्चा खोजा है!
उसकी सफ़ाई पूरी करो।
-निशा। -उसे साफ़ करो!
-तुम कहाँ जा रही हो? -अकीला के पास।
अगर हमें इसे रखना है तो परिषद को बताना होगा।
-उसे रखोगी? -उसे अपनी नज़रों से दूर मत होने देना।
हम उसे नहीं रख सकते!
निशा, तुमने परिषद की बैठक बुलाई है।
क्या बात है?
हमें मिला है...
एक मानव का बच्चा।
यह भेड़िया नहीं है।
यह यहाँ का नहीं है।
मानव का बच्चा?
यह चौंकाने वाला है।
हाँ, यह है तो बहुत असामान्य।
निशा, तुम इसे अपने बच्चे की तरह पालना चाहती हो?
हाँ।
और विहान?
तुम भी?
-मैं भी चाहता हूँ। -यह एक मानव का बच्चा है।
तुम क़ानून जानते हो।
बच्चा हमारे बीच पैदा नहीं हुआ था।
तो इस बच्चे के पक्ष में कौन बोलेगा?
मैं इसके पक्ष में हूँ।
क़ानून के मुताबिक़, एक बच्चे का जीवन
कीमत चुकाकर खरीदा जा सकता है।
मैं भुगतान लाया हूँ।
एक सदस्य पक्ष में है।
और कोई है?
बल्लू है।
-बल्लू। -बल्लू?
-बघीरा। -यह भेड़िया नहीं है।
उसे बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
यह तुम्हारे बच्चों का गुरु है। अतः झुंड का सदस्य है।
मैं नहीं बोल रहा हूँ...
मानव के बच्चे के लिए।
बल्लू की बात सुनो।
बघीरा, तुम पागल हो गए हो।
मानव का बच्चा जंगल में रहेगा?
जंगल में भी!
अकीला, उसके माता पिता आएंगे।
उसके माता पिता मर चुके हैं।
मैंने उन्हें मार डाला।
इसे ढूंढ़ने कोई नहीं आएगा।
इसकी चिंता तुम्हें करने की ज़रुरत नहीं, शेर ख़ान।
बच्चा मेरा है।
मैं उसकी माँ का ख़ून चख चुका हूँ।
यह मेरा अधिकार है।
कौन से कानून के अनुसार?
बेहतर होगा तुम चले जाओ।
सावधान, अकीला।
तुम मुझे चुनौती नहीं देना चाहोगे।
यह बच्चा...
झुंड के संरक्षण में है।
अगर तुम मुझ पर आक्रमण करोगे,
तो तुम्हें पूरे झुंड से लड़ना होगा।
हम सब से।
जब तक मैं नेता हूँ,
जंगल का यह हिस्सा तुम्हारे लिए बंद है।
तुम हमेशा तो नेता नहीं रह सकते।
जिस दिन तुमसे अपना शिकार छूटेगा,
इस मानव के बच्चे का ख़ून
मेरी ज़बान पर होगा।
बच्चे के लिए बात हो गई है।
वह हममें से एक है।
तुम उसे जीना सिखाओगे, अपने बच्चे की तरह।
जब तक मैं जीवित हूँ,
झुंड इस मानव के बच्चे का साथ देगा।
शिकार करना एक पवित्र काम है, छोटे भाई।
यह हमारा अधिकार है।
मगर हम यह कभी खेल के रूप में नहीं करते।
रुको।
रुको।
हम उनसे आँखें मिलाते हैं
ताकि उनकी आत्मा अकेली उनका शरीर ना छोड़े।
बघीरा।
जंगल कितना पुराना है, बघीरा?
जंगल यहाँ तुम्हारे जन्म से पहले से है
और तुम्हारे मरने के बाद भी
यहीं रहेगा।
जंगल सनातन है।
बघीरा।
मैं दूसरे भेड़ियों से अलग क्यों हूँ?
तुम बिलकुल भी अलग नहीं हो, छोटे भाई।
तुम विशेष हो।
बेशक, तुम अलग हो।
इसलिए तुम्हें विशेष प्रशिक्षण चाहिए।
पता है तुम्हारी समस्या क्या है?
ध्यान की कमी।
बल्लू, तुम अपने मुँह में कितनी चींटियाँ भर सकते हो?
चींटियाँ बहुत छोटी होती हैं, और तुम्हारा मुँह तो बहुत बड़ा है।
-शर्त लगाता हूँ... -मोगली, ध्यान दोगे?
बिलकुल भी...
नहीं...
हिलना।
मुझे ये सब करने की क्या ज़रुरत?
मैंने कहा तो करना पड़ेगा।
अब मुझे वो तीन नियम बताओ।
"कोई भेड़िया मानव से संपर्क नहीं करेगा।"
-अगला। -बल्लू।
तुम्हारी पूँछ कहाँ गई?
अगला!
"कोई भेड़िया मानव के जानवरों का शिकार नहीं करेगा।
विशेष तौर से गाय का, जो पवित्र होती है।"
क्या पूँछ गिर गई?
इसलिए तुम्हारा पूँछ नहीं है?
क्या? तुम्हें पूँछ क्यों नहीं है?
पता नहीं। मैंने कभी उस बारे में सोचा नहीं।
तीसरा नियम।
अब।
"कोई भेड़िया जंगल में मानव को नहीं मारेगा, क्योंकि मानव को मारने से ख़तरा बढ़ता है।"
चलो। कम से कम तुम्हें क़ानून तो आते हैं।
अब बस हमें तुमको और भेड़ियों की तरह तेज़ दौड़ना सिखाना है।
रुको!
कभी असावधान मत होना।
ठीक है। आज के लिए इतना काफ़ी है।
सीधे गुफ़ा में। कहीं भटकना मत।
भेड़िये की तरह दौड़ो, सुना तुमने?
मैं तुम्हें सुन नहीं पा रहा हूँ!
मोगली!
हे, मोगली!
-भूत! -तुम क्या कर रहे हो?
-कुछ नहीं। -हे ,क्या तुम खेलना चाहते हो?
पकड़ लिया!
तुम्हें चौकाने ही वाला था।
तुम छुपते बढ़िया हो।
माँ ने मुझे छिपना सिखाया ही।
वह मुझे बहुत तरकीबें सिखाती है,
ताकि मैं ख़ुद को बचा सकूँ।
वह कहती हैं, "दूसरे लोग विशिष्टता को कमज़ोरी समझ सकते हैं।"
इसीलिए वे कभी कभी मुझ पर चढ़ पड़ते हैं।
हाँ।
मुझ पर भी।
आओ। घर तक की दौड़ लगाते हैं।
मेरे कहने पर...
जाओ!
हे।
हे, भाई।
आज बल्लू ने तुमसे क्या करवाया?
मुझ पर एक बिच्छू रख दिया और कहा कि हिलना मत।
कहता है मुझमें ध्यान की कमी है।
यह तो बल्लू सबसे कहता है।
-तुम्हारा पाठ कैसा था? -बढ़िया।
तुम्हारे भाई ने कहा तेज़ हो रहे हो।
वह मेरे जितना तेज़ दौड़ लेता है।
वह भूत को हरा सकता है।
हाँ, उसे बस अपने विचित्र दोस्त के साथ ही दौड़ना चाहिए!
यह तो स्वाभाविक है कि वे इतना समय साथ गुजारते हैं।
विचित्र प्राणि साथ ही रहते हैं।
बहुत हो गया। इससे चोट लगती है।
अंदर चलो, अभी।
धन्यवाद।
तुम्हें उनको रोकना चाहिए।
हम बस खेल रहे थे।
बेहतर होगा घर जाओ, भूत।
विदा, मोगली!
माँ से जो कहा वह सच था।
तुम तेज़ हो रहे हो।
तुम्हारे पिता भी बढ़िया धावक नहीं थे।
यह सच है।
मैं झुंड में सबसे धीमा था।
लगता नहीं था दौड़ पूरा कर सकूँगा।
यकीन था कि असफल हो जाऊंगा।
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