Pierwsze 200 wierszy.
कमीना कहीं का...
अगर मौत और खौफ़ के साये
हमें गहरी नींद सुलाने को आएँ,
ऊपर बैठा हमारा परम परमेश्वर
हमारी आत्मा की रक्षा करे।
चार हफ़्तों के नाम!
नहीं, जनाब। शुक्रिया।
जाम को बीच में छोड़ना बदकिस्मती होती है, लड़के।
अरे, मेरा इरादा बेइज़्ज़ती करने का नहीं था।
जो मर्द पीते नहीं, उनके पास कोई ठोस वजह होती है।
ऐसी बात नहीं है।
मुझे लगा कि यह नियमों के खिलाफ़ है, जनाब।
अच्छा?
जी हाँ, जनाब। यहाँ की नियम पुस्तिका पढ़ी है।
तुम्हें देखकर लगता नहीं कि तुम पढ़ते भी होगे।
मुसीबत में नहीं फँसना चाहता।
तो फिर, जैसा मैं कहूँ, वैसा करो।
वह भी नियमों में लिखा है।
चार हफ़्तों के नाम।
हाँ। टंकी को साफ़ करने की ज़रूरत है।
यह तुम्हारी ज़िम्मेदारी है।
या फिर तुमने इसके बारे में नहीं पढ़ा?
पीतल का सामान और घड़ी के कल-पुर्ज़े साफ़ करने हैं,
और बाद में जगह की सफ़ाई भी करनी है।
और बाहर काफ़ी कुछ ठीक-ठाक करना है।
सुना तुमने, लड़के?
-अच्छा, जनाब। -हाँ, जनाब!
हाँ, जनाब।
कोहरा छँटने के बाद,
तुम्हें चौकीदारी करनी है।
नज़र टिकाकर रखनी है?
ऊपर जाकर लाइटहाउस की बत्ती देखने की उम्मीद कर रहा था।
बत्ती का काम मेरा है।
नियम तो शिफ़्ट अदल-बदल करने का है।
आधी रात वाला पहरा खौफ़नाक है, लड़के।
मेरा पहरा, रात से लेकर सुबह तक का।
किस नौसिखिए से पाला पड़ गया।
अपनी ज़िम्मेदारी संभालो। बत्ती को मैं संभाल लूँगा।
कमीना कहीं का!
तुम्हारे नाम, मेरी जान।
छप्पर ठीक करना है।
टंकी के बाद इसकी मरम्मत करना।
और लैंप में तेल डालना है।
हाँ, जनाब।
चलो!
हटो।
तुम अंदर नहीं जाओगे!
-तेल, जनाब। -थक गए? आगे से इसमें लाना।
तुम्हारी काफ़ी मुश्किल हल हो जाएगी।
थोड़ी साँस लो, लड़के।
मैंने कहा, थोड़ा साँस लो, लड़के।
फिर इस पीपे को
सीढ़ी के नीचे रख देना जहाँ तुम्हें यह मिला था।
अगर तुम्हारा इरादा पूरा लाइटहाउस जलाने का न हो तो।
उसके बाद बाकी के काम खत्म करना।
पहले ही काम पिछड़ा हुआ है।
-हाँ, जनाब। -काम धीमा है। मंद बुद्धि हो?
नहीं, जनाब।
मुझे बेवकूफ़ बनाया।
अगर मौत और खौफ़ के साये
हमें गहरी नींद सुलाने को आएँ,
ऊपर बैठा हमारा परम परमेश्वर
हमारी आत्मा की रक्षा करे।
अभी भी टंकी की बू आ रही है?
थोड़ा तो हँसो-बोलो, लड़के।
यही तो बकबक करने की उम्र है।
तुम्हें इसका मज़ा लेना चाहिए।
दो हफ़्तों में हम दोनों चाहेंगे
कि हमेशा के लिए चुप हो जाएँ।
मैं ज़्यादा बोलता नहीं।
क्या लगता है, तुम पहले हो?
नहीं, जनाब। ऐसा नहीं लगता।
नहीं हो।
नहीं हो।
हाँ, चिकपी, बड़ा ही अच्छा जहाज़ था।
बड़ा ही अच्छा बना था, एकदम सुडौल और ज़बरदस्त!
सन् '64 के बेड़े में उससे बढ़िया जहाज़ नहीं था।
हम आराम कर रहे थे। एक गदर सी हुई,
और क्यों, तुम पूछोगे? क्यों?
नौसैनिक के जीवन का सबसे बुरा हिस्सा क्या होता है?
जब हवा और पानी के बीच में, सब कुछ रुक जाए।
मंद हवाएँ।
शैतान से भी ज़्यादा भयानक।
उदासी मर्दों को शैतान बना देती है
और पानी खत्म हो जाता है, लड़के। गायब।
सिर्फ़ शराब दवा का काम करती है।
नौसैनिकों का मन खुश रखती है, सुखद हाल में रखती है,
उन्हें शांत रखती है, उन्हें...
बेवकूफ़ी है।
अगर तुममें भी कहीं कोई
नौसैनिक न छुपा हो, तो मुझे गाली दो।
बोलो, लड़के।
आपका पिछला देखभाल करने वाला छोड़कर क्यों चला गया?
वह? मेरा सहायक?
उसकी मौत हो गई थी।
पागल हो गया था।
साइरन बजने की, जलपरियों की, अपशकुन की बातें करता रहता।
आखिर में,
पूरी तरह से पागल हो गया था।
उसका मानना था कि लाइटहाउस में कोई जादू-टोना है।
उसका खयाल था कि सेंट एल्मो की आँच उसमें थी।
मोक्ष, वह कहा करता था।
काल्पनिक कहानियाँ।
तुम्हें एक समुद्री पक्षी से जूझते देखा था।
उसे छोड़ दो।
समुद्री पक्षी को मारना अपशकुन होता है।
और काल्पनिक कहानियाँ।
समुद्री पक्षी को मारना अपशकुन होता है!
मत सुनो मेरी बात, लड़के।
बिल्कुल मत सुनो।
हमारे लिए थोड़ी कॉफ़ी बनाओ।
आगे लंबी रात है।
कॉफ़ी दोनों के काम आएगी।
तुम अपना काम ठीक से नहीं कर रहे, लड़के!
मुकरो मत!
यह क्या है?
-जनाब? -क्या?
मैंने झाड़ू लगाकर, दो बार पोछा लगाया, जनाब।
झूठ बोल रहे हो।
-मैंने झाड़ू तो लगाया था... -गंदा पड़ा है, दाग भी हैं।
पोछा नहीं लगा, साफ़ नहीं हुआ, दाग भी है।
मुझे तंग करके आपको खुशी मिलती है?
क्या कहा?
मैं कह चुका हूँ...
तुम्हारी इतनी हिम्मत कि मेरी बात काटो।
देखिए,
यह नौकरी करके मेरा इरादा घरवाली बनने,
या फिर किसी का गुलाम बनने का नहीं था।
यह ठीक नहीं है!
यह जगह जितनी टूटी-फूटी है,
मैंने आज तक किसी शिविर को ऐसे बुरे हाल में नहीं देखा।
मैंने जो किया, उससे अच्छी सफ़ाई तो
इंग्लैंड की महारानी के नौकर-चाकर भी न कर पाएँ
क्योंकि मैं बता रहा हूँ,
मैंने इस जगह को दो बार रगड़ा, जनाब...
और मैं कह रहा हूँ कि तुमने ऐसा नहीं किया।
और मैं कहता हूँ कि दोबारा पोछा लगाओ,
और इस बार अच्छे से पोछा लगाओगे,
और उसके बाद भी, दस बार पोछा लगाते रहोगे।
और अगर मैं तुमसे कहूँ कि इस घर के
हर एक तख्ते को निकालकर
अपने नंगे, खून बहते हाथों से साफ़ करना है,
तो तुम वह करोगे।
और अगर मैं तुमसे कहूँ कि हर एक कील के छेद में से,
हर एक कील को निकालना है,
और जितनी भी ज़ंग लगी है, उसे साफ़ करना है,
जब तक कि कीलें एकदम चकाचक चमकने नहीं लगतीं,
और उसके बाद पूरे लाइट स्टेशन का
शुरू से लकड़ी का काम करना है,
और नए सिरे से करना है, तो तुम वह भी करोगे!
और भगवान कसम,
तुम वह मुस्कुराते हुए करोगे, क्योंकि उसमें मज़ा आएगा।
मज़ा आएगा क्योंकि मैं कह रहा हूँ कि मज़ा आएगा!
दोबारा मेरी बात काटी तो तुम्हारी पगार काट लूँगा।
सुना, लड़के?
हाँ, जनाब।
पोछा लगा, कुत्ते।
पोछा लगा!
हिलाना नहीं है, लड़के।
हाँ, जनाब।
पुताई को बराबर होना चाहिए, लड़के।
अच्छे से! चमचमाती हुई!
चाँदी के सिक्के की तरह।
नौसैनिकों को साफ़ नज़र आना चाहिए।
उन्हें तूफ़ान में नज़र नहीं आएगा!
गुस्सा काबू में रखो, लड़के।
काम अच्छा कर रहे हो।
खाते में तुम्हारे बारे में अच्छी बातें लिख रहा हूँ।
सच कह रहा हूँ!
तुम्हें थोड़ा नीचे उतार रहा हूँ।
आराम से!
मैंने तुम्हें अच्छे से संभाला हुआ है।
आराम से!
हिलाना बंद करो, लड़के।
-नहीं हिला रहा! -हिला रहे हो!
-चुपचाप बैठे रहो! -बैठा हूँ!
नहीं! छोड़!
छोड़!
लाइट स्टेशन
शुक्रिया, लड़के।
विनस्लो।
ईफ़्रेयम विनस्लो।
पिछले दो हफ़्ते से, मुझे...
अच्छा लगता अगर आप मुझे मेरे नाम से बुलाते।
लो, अब तुम मुझे हुक्म दे रहे हो, लड़के।
-विनस्लो। -अच्छा।
मुझे कोई एतराज़ नहीं, ईफ़्रेयम विनस्लो।
तो, तुम जैसे का यहाँ, इस खंडहर में कैसे आना हुआ?
मेरे जैसा क्या?
इतने खूबसूरत नौजवान का।
मज़ाक कर रहा हूँ, लड़के...
-विनस्लो। -विनस्लो।
यहाँ, इस चट्टान पर...
कैसे आना हुआ, ईफ़्रेयम विनस्लो?
पहले क्या काम करते थे?
-लकड़ी का। -लकड़ी का?
बड़ी-बड़ी लकड़ियों का। उत्तर में। कनाडा में।
-हड्सन बे की किसी कंपनी में? -हाँ।
जो सुनने को मिलता है, वह सच है?
"दूर-दूर तक जंगल ही जंगल है।"
No comments yet. Be the first to leave one.